तारक का स्वर्ग त्याग शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 16
25 January 2026

तारक का स्वर्ग त्याग शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 16

Shiv Puran Katha in Hindi

About

शिव पुराण का षोडशवाँ अध्याय तारकासुर के पतन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ प्रस्तुत करता है। भगवान शिव के आदेश से तारकासुर स्वर्ग का त्याग करता है और पृथ्वी पर शोनित नगर में शासन प्रारंभ करता है। देवता पुनः स्वर्गलोक लौटते हैं और इंद्र के नेतृत्व में स्वर्ग का संतुलन स्थापित होता है।

यह अध्याय अहंकार, वरदान के दुरुपयोग और धर्म के मार्ग से विचलन के परिणामों को स्पष्ट करता है। शिव पुराण की यह कथा दर्शाती है कि जब अधर्म बढ़ता है, तब स्वयं महादेव व्यवस्था को पुनः संतुलित करते हैं। यह अध्याय भक्तों को धैर्य, आज्ञाकारिता और धर्म के महत्व का गहन बोध कराता है।

शिव पुराण कथा के इस अध्याय का श्रवण करने से भक्तों को जीवन में विवेक, संयम और ईश्वर की लीला को समझने की प्रेरणा मिलती है।