Skip to content
Opens in a new window
मैना का विलाप एवं हठ | शिव-पार्वती विवाह कथा | शिव पुराण - श्री रुद्र संहिता अध्याय 44
16 August 2026

मैना का विलाप एवं हठ | शिव-पार्वती विवाह कथा | शिव पुराण - श्री रुद्र संहिता अध्याय 44

Shiv Puran Katha in Hindi

About

शिव पुराण श्री रुद्र संहिता अध्याय 44 – मैना का विलाप एवं हठ

इस अध्याय में देवी पार्वती की माता मैना भगवान शिव के भयंकर स्वरूप को देखकर अत्यंत व्याकुल हो जाती हैं और शिव-पार्वती विवाह का विरोध करती हैं। देवता, सप्तऋषि, नारदजी, शैलराज हिमालय और स्वयं माता पार्वती उन्हें भगवान शिव की वास्तविक महिमा समझाने का प्रयास करते हैं।

अंततः श्रीहरि विष्णु मैना को भगवान शिव के निर्गुण-सगुण स्वरूप और उनकी दिव्य माया का ज्ञान कराते हैं। मैना का क्रोध शांत होने लगता है और वे एक शर्त रखती हैं—यदि महादेव सुंदर शरीर धारण करें, तो वे सहर्ष अपनी पुत्री पार्वती का विवाह उनसे कर देंगी।

यह अध्याय भगवान शिव की दिव्य माया, माता पार्वती की अटूट शिवभक्ति और शिव-पार्वती विवाह प्रसंग को दर्शाता है।

हर हर महादेव 🙏 ॐ नमः शिवाय 🔱