Unke Bathroom Mein | Gyanendrapati
03 April 2026

Unke Bathroom Mein | Gyanendrapati

Pratidin Ek Kavita

About

उनके बाथरूम में ।  ज्ञानेन्द्रपति 


उनके बाथरूम में

वाशबेसिन के ऊपर लगे

आईने की छाँव में

रखे हैं दो टूथब्रश

एक लम्बूतरे प्याले में

बस माथ-भर दिखते

मुँह से मिलाए मुँह

दो टूथब्रश

जिस घनिष्ठता का

वे एक छायाचित्र हैं

वह पिचकी हुई ट्यूब में चिपकी हुई टूथपेस्ट-सी

बस

ज़रा-सी बची है

उनके मुँह भूल गए हैं चूमना एक-दूसरे को

उन दोनों के मुँह

दोमुँहेँ हो गए हैं

धीरे-धीरे

बेडरूम में और, ड्राइंगरूम में और

वहाँ, बाथरूम में

वाशबेसिन के ऊपर, आईने के छाँव-तले

एक लम्बूतरे प्याले में रखे उनके टूथब्रश

माथ-भर दिखते

एक-दूसरे के गले लगे खड़े हैं

अफसोस से भरे

आईना उनके अफसोस को दुगना कर रहा है ।