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Hawa Jab Aayegi | Champa Vaid
29 September 2026

Hawa Jab Aayegi | Champa Vaid

Pratidin Ek Kavita

About

हवा जब आएगी | चंपा वैद 


हवा जल आएगी अकेली

बैठा लूँगी अपने पास

चले चलेंगे हम दोनों

उस कविता के पर्वत पर

उड़ते, पेड़ लगाते, एक हज़ार

चश्मों से एकत्रित कर जल

और सूरज के प्रबल प्रकाश

मैं भी धूप बटोरूँगी दिन भर

हवा तुम्हारे साथ