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Gawahi | Adnan Kafeel Darwesh
14 August 2026

Gawahi | Adnan Kafeel Darwesh

Pratidin Ek Kavita

About

गवाही।  अदनान कफ़ील दरवेश 


क़ब्र में

मेरी बगल में ही लिटाना

मेरी कविता को भी

जो मेरी दोस्त रही

मेरे उन यातना के क्षणों में भी

इस तरह हम एक साथ उठेंगे

महशर के रोज़

शुभ दिन बोलते हुए

एक दूसरे को

उसे लिटाना ज़रूर

क्योंकि उसे सबसे बड़ी अदालत में

उस दिन

मेरे ख़िलाफ़ गवाही देनी है।