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Gaon Dehaat Ki Betiyaan | Neera Parmar
22 September 2026

Gaon Dehaat Ki Betiyaan | Neera Parmar

Pratidin Ek Kavita

About

गांव-देहात की बेटियां । नीरा परमार


लू के थपेड़े हाड़ कंपाते जाड़े

भरी बरसात में

जंगल-पहाड़ नदी-नाले को

लांघकर

स्कूल जाती हैं

दूर-दराज बियाबान में बसे

गांव-देहात की बेटियां


न तन ढंकने लायक कपड़े

न पैरों में ढंग की चप्पल

पौ फटते दो कौर बासी भात पेट में डाल

घर गृहस्थी छोटे भाई-बहन

मां-बाप के सौ टंटे बोरे

बदरंग तख्ती के संग

ब्लैकबोर्ड पर उभरते ककहरे से जोड़

नाता

अंधेरे में उम्मीद की कंदील

जलाती हैं!