Skip to content
Opens in a new window
Akoo (Main) | Khairul Anwar
05 September 2026

Akoo (Main) | Khairul Anwar

Pratidin Ek Kavita

About

अकू | ख़ैरुल अनवर

अनुवाद : जितेंद्र कुमार त्रिपाठी


अगर मेरा अंतिम समय आ जाए तो


मैं नहीं चाहूँगा कि कोई मुझे दिलासा दे

तुम भी नहीं


मुझे उन आँसुओं की ज़रूरत नहीं

मैं भेड़िया हूँ


अपने झुंड से अलग

चीरने दो गोलियों को मेरी चर्बी


मैं फिर भी डटा रहूँगा

घाव और विष दोनों ही


संग-साथ लेकर

दौड़ता रहूँगा


जब तक यह चुभता दर्द जाता नहीं

और किंचित ही परवाह किए बिना


मैं जीना चाहता हूँ

एक हज़ार साल और…


(अकू : इंडोनेशियाई भाषा में—मैं)